सखी-बहिनपाक उद्देश्य

सखी बहिनपा समूहक संकल्प

सखी बहिनपा मैथिलानी समूह के किछु मुख्य उद्देश्य नीचा उल्लेख क' रहल छी :-

१. नारी सशक्तिकरण, मैथिलानी के आर्थिक निर्भरता ।

२. घर मे मैथिली के प्रयोग ।

३. शिक्षा मे मैथिली भाषा केँ प्रयोग ।

४. जनगणना में भाषा केँ रुपमे मैथिली लिखायल जाय ।

५. मिथिलाक मीडियामे मैथिली भाषा केँ अधिकसँ अधिक प्रयोग कयल जाय ।

६. मैथिलानीक एकता,

सखी-बहिनपाक उद्देश्य

१. नारी सशक्तिकरण,मिथिलानी के आर्थिक निर्भरता ।
२. घर मे मैथिली के प्रयोग ।
३. शिक्षा मे मैथिली भाषा केँ प्रयोग ।
४. जनगणना में भाषा केँ रुपमे मैथिली लिखायल जाय ।
५. मिथिलाक मीडियामे मैथिली भाषा केँ अधिक सँ अधिक प्रयोग कयल जाय ।
६. मैथिलानीक एकता ।
आइ सखी बहिनपा मैथिलानी समूह समाज मे कतेको महत्वपूर्ण काज क' रहल अछि तकर विस्तृत वर्णन केनाइ संभव नहि कारण जे इ आलेख बहुत बेसी नमहर भ' जायत।
सारांश मे किछु महत्वपूर्ण बात: 
१. मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार के समय मदद । 
२. दरभंगा/मधुबनी के बाढिमे राहत काज जहिमे विभिन्न जगहक सखी बहिनपा द्वारा आर्थिक सहयोग देल गेल।
३. पटना के बाढिमे राहत काज आपसमे अर्थ संकलन क क'।
४. एकटा आर्थिक रूप सँ विपन्न लड़की, जकर माय के कैंसर छलै, ओकर विवाह में दरभंगा/मधुबनी सँ मदद ।
५. सावन मेला में देवघर में बम-सेवा शिविर ।
६. जनगणना में मैथिली भाषा लिखल जाइ ओकरा लेल गांव- गांव जागरूकता ।
७. पर्यावरण के रक्षा हेतु वृक्षारोपण, मुम्बई सखी सब द्वारा गाछक वितरण ।
८. कोलकाता मे गंगा सागर यात्री कम्बल /खाना वितरण ।
९. ओझौल ,अषाढी/खड़गा बसंतपुर में सिलाई सेन्टर।
१०. पटना में दू टा प्रशिक्षण केंद्र जाहिमे सिलाई सेन्टर,मिथिला पेंटिंग,मिथिलाक्षर.... आदि  (सोनी प्रियरंजन सखी एवं आभा झा सखी द्वारा खोलल गेल) ।
११. सिलीगुड़ी में योग जागरूकता समारोह ।
१२. कोलकाता/पटना/वीरगंज में अनाथालय में कपड़ा/खाना/जरूरत के सामान के संग आर्थिक मदद ।
१३. विश्व भरि पर्यावरण जागरूकता के लेल 'प्लास्टिक छोड़ू अभियान' मे मिथिला पेंटिंग बनल झोरा वितरण आ बिक्रिके प्रोत्साहन।
१४. मिथिलाक्षर केँ प्रचार-प्रसार आ जागरूकता ।
१५. लघुकथा/भानस भात/चित्रकला/ ऑनलाइन प्रतियोगिता ।
१६. ऑनलाइन बिजनेस केनिहारि सब के विज्ञापन के द्वारा मदद ।
१७. मिथिला पेंटिंग के ऑनलाइन क्लास ।
१८. अपन विलुप्त होइत गीत,शब्द,अरिपन,तीज -त्योहार के पुनः स्थापित करबाक प्रयास ।
१९. मैथिली बाजनाई आ लिखनाई पर जोर ।
२०. जनकपुर तथा राजबिराजमे पारंपरिक गीत नादक प्रतियोगिता।
२१. दिल्ली/दरभंगा में कतेको बेर मरीज के जरूरत पड़ला पर रक्त दान ।