सखी-बहिनपाक बारेमे

अपन-सभक सोच

सखी- बहिनपाक संक्षिप्त परिचय

कोनो समाज/ राष्ट्र/ क्षेत्र तखने आगू बढ़ैत अछि जखन ओकर नारी समुदाय सेहो सरोकारक मुद्दापर आवाज़ उठा सकय। नारी समाज विश्व भरि दोसर दर्जा अथवा दबल रहली। कमोबेस इयह अवस्था मिथिलाक नारी के अछि। आर जगह त' नारी अपन पहचान बना रहल छथि मुदा मैंथिलानी अखनो उपेक्षित छथि। अपनापर विश्वासक कमी साफ देखाय पड़ैत छैक जखन कि मैथिलानी मेहनतमे ककरो स' कम नहि, विद्वतामे ककरो स' कम नहि, प्रबन्धन क्षमता किनको स' कम नहि इ साबित क' रहल छथि। कमी छल त' एकताक, विश्वासक जे सखी- बहिनपाक प्रयास स' आबि रहल अछि। सखी- बहिनपा मैथिलानी के अपनापर विश्वास, अपन क्षेत्रप्रति जागरूकता, अपन भाषाके सम्मान, मैथिलानीक आर्थिक आत्म निर्भरता...आदि के अपन मन्त्र बना चुकल अछि आ ओहि दिस डेग बढा चुकल अछि।
'सखी बहिनपा' मैथिलानी समूहक जन्म सन् 2015 मे फेसबुककेँ माध्यमसँ केलहुँ।मोन मे बहुत तरहक सवाल-जवाब चलि रहल छल जे कि इ समूह हमर मैथिलानी सखी-बहिनकेँ बीच अपन जगह बना सकत? कि इ समूह हमर सभक ओहि मूल उद्देश्य केँ पूरा करत जे हमर मोनमे उमरि-घुमरि रहल अछि? कि अपन पुरूष समाज एहि बदलाव केँ मोन सँ स्वीकार करताह?

मुदा आइ हम देखि रहल छी त' हमरा बुझि पड़ि रहल अछि कि जे शनै: - शनै: हम सब ओहि मूल उद्देश्यकेँ तरफ बढ़ि रहल छी, जाहि उद्देश्यकेँ लेल सखी बहिनपा मैथिलानी समूह बनाओल गेल छल। हमरा एहि बातक बड खुशी भ' रहल अछि जे सखी बहिनपा मैथिलानी समूह अपन मैथिलानी समाज मे उचित जगह बना रहल अछि आ आब एकर आधार बहुत व्यापक भ' गेल अछि। देश-विदेश सँ अनेकों मैथिलानी सखी एहि समूह सँ जुड़ल छथि आ समाज मे अपन महत्वपूर्ण स्थान बना रहल छथि। कखनो क' इहो मोनमे आबए जे कि अपन पुरूष समाज एहि बदलाव केँ मोन सँ स्वीकार करथिन? मुदा कहैत असीम हर्ष भ' रहल अछि जे पुरूष समाज इ बदलाव केँ स्वीकार केलखिन्ह बल्कि अपन घरक महिलाकेँ आगू बढ़बाक हेतु प्रोत्साहित केलथि। स्वयं हमरो इ कतेको बेर इ महसूस भेल जे पुरूष वर्ग बहुत सहयोग क' रहल छथिन्ह। हमरा सब सखी के लेल इ बहुत संतोषके बात अछि। आब हम सब निश्चिंत भ गेलहुँ जे यदि हम सब सखी अपन काज मोन सँ करी त' सामाजिक स्तर पर बहुत काज क' सकैत छी। सखी बहिनपा मैथिलानी समूह के किछु मुख्य उद्देश्य नीचा उल्लेख क' रहल छी :-

दरभंगा / मधुबनी में आयल बाढ़ि मे दीपा, ममता, स्नेहा, आरती सिंह दीदी, गीता दीदी, नीतू सखी आ अन्य स्थानीय सहयोगी सखी लोकनि सब आ पटना में आयल प्रलयकारी बाढ़ि में पाटलिपुत्रा सखी बहिनपा सब बहुत महत्वपूर्ण आ हिम्मत बला काज केलनि। यथासंभव घरे-घरे राहत-सामग्री पहुँचेलनि। सम्पूर्ण मिथिला मे मिथिलाक्षरक जोरदार प्रसार-प्रचार हेतु मनोरमा झा सखी, शिप्रा झा सखी, शैव्या झा सखी,बिभा दीदी सखी आदि महत्वपूर्ण बीड़ा उठेने छथि। सखी बहिनपा मैथिलानी समूह मे जुड़ल सब मैथिलानी सखी केँ मिथिलाक्षर सीखैक हेतु लगातार प्रेरित क' रहल छथि। प्लास्टिक छोड़ू अभियान अन्तर्गत किछु सखी जूट आ कपड़ा सँ बनल आ मिथिला पेंटिंग सँ युक्त झोरा के वितरण आ बिक्री में नेहा पुष्प सखी, श्वेता सखी आ शिखा ठाकुर सखी केँ योगदान अवर्णनीय अछि। असगरे शिखा ठाकुर सखी मुम्बई में ८००० झोरा केँ वितरण आ विक्रय केलनि।

हालमे १७ नवंबर, २०१९ केँ दिल्ली सखी बहिनपा मैथिलानी समूह द्वारा मैथिली भोजपुरी अकादमी, दिल्ली सरकारक सहयोग सँ “मिथिला मेला” केँ आयोजन कयल गेल छल। एहि आयोजन में हमहुँ शामिल भेल रही। एहि आयोजन केँ सफल बनबय में हमर सम्पूर्ण दिल्ली सखी बहिनपा के "कार्यकर्ता" सखी के अलावा ओहिठामक सब सखी के योगदान महत्वपूर्ण अछि।छाया सखी,सांत्वना सखी,मधुलता सखी,हेमा सखी,स्वाति सखी, पूजा सखी,रेखा सखी,राधा सखी,गिन्नी दीदी सखी,सौम्या सखी,शिप्रा सखी,कामना सखी,भारती सखी..... आदि के विशेष आभार।विश्व भरि के सखी सभक शुभेच्छा संग छल। लगातार पोस्ट द्वारा ओ सब दूर रहितो अपन उपस्थिति बनेने रहथि।कोनो एक दिनक नहि, बहुत दिनक अथक परिश्रम के परिणाम छल एकर सफलता। एकर सुखद परिणाम १७ नवंबर, २०१९ केँ नजरि आयल।अबितै कोना नहि? अपना घर के परोजन जकाँ एकरा हमर सखी सब सम्हारलीह। एहि मेला में मैथिल खान-पान, मिथिला पेंटिंग आ मैथिली तथा मिथिलाक्षरक पोथीकेँ स्टॉल,मिथिला दर्शन के कांसेप्ट(डाला सँ सजल मैथिल परंपरा के दर्शाबैत बिध/व्यवहार) के डाला सँ सजल छल। एहि मेला मे जबरदस्त भीड़ छल आ भीड़ छल ओहि विश्वास के जे अहाँ सब मैथिल जन हमरा सब सखी बहिनपा पर कयलथि ।
हमर सखी सब आत्मनिर्भर भ' रहल छथि... अपन अपन स्टाल पर पूरा आत्मविश्वासक संग जाहि तरहे ओ सब व्यवस्थापन क' रहल छलीह ओ एकटा सुखद अनुभूति छल।
धिया-पूता सब अरिपन, गीत, नृत्य, मिथिला चित्रकला के प्रतियोगितामे भाग लेलथि बड्ड नीक लागल आ आश्वस्त भेलहुँ जे अपन मिथिला के मान हमर बच्चा सब अपन कन्हा पर उठा रहल छथि आ एकरा आगू बढ़ेताह।
मैथिली गीत नाद आ ज्योति सखी संग पूरा टीमक(मैलोरंग) जे नाटक के प्रस्तुति(मैथिल स्त्री) छल ओ चारि चान लगा देलक कार्यक्रममे।

सखी- बहिनपा द्वारा ठाम- ठामपर भ' रहल मिथिला मेला मिथिलामे परिवर्तन आनत इ पूर्ण विश्वास अछि । उत्तरी मिथिला(नेपालक) के सखीसभ सेहो आगू ऐतिह कियाक त' कतहु' के मैथिलानीमे प्रतिभा के कमी नहि ।

सुखक बात जे मीडिया मिथिला/ मैथिनी के कवरेज करय स' परहेज करैत रहथि ओहो आब मैथिलानीक महत्व बुझि रहल छथि आ सहयोग क' रहल छथि।
सखी- बहिनपा एहन फुलबारी थिक जत' सिनेह, ज्ञान, परम्परा आ आधुनिक दृश्टिकोण के समागम भेटैत अछि।
काल्हि मैथिलीके थिक, मिथिला के थिक आ ओ काल्हि आनय मे सखी- बहिनपाक महत्वपूर्ण योगदान रहत से हमरा सभक विश्वास अछि।

  • जय मैथिली , जय मिथिला, जय सखी- बहिनपा -

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अपन-सभक संकल्प

सखी बहिनपा मैथिलानी समूह के किछु मुख्य उद्देश्य नीचा उल्लेख क' रहल छी :-

१. नारी सशक्तिकरण, मैथिलानी के आर्थिक निर्भरता ।

२. घर मे मैथिली के प्रयोग ।

३. शिक्षा मे मैथिली भाषा केँ प्रयोग ।

४. जनगणना में भाषा केँ रुपमे मैथिली लिखायल जाय ।

५. मिथिलाक मीडियामे मैथिली भाषा केँ अधिकसँ अधिक प्रयोग कयल जाय ।

६. मैथिलानीक एकता,

यात्रा

'सखी बहिनपा' मैथिलानी समूह जन्म
आइसँ चारि वर्ष पहिने सन् 2015 मे फेसबुककेँ माध्यमसँ केलहुँ।मोन मे बहुत तरहक सवाल-जवाब चलि रहल छल जे कि इ समूह हमर मैथिलानी सखी-बहिनकेँ बीच अपन जगह बना सकत? कि इ समूह हमर सभक ओहि मूल उद्देश्य केँ पूरा करत जे हमर मोनमे उमरि-घुमरि रहल अछि? कि अपन पुरूष समाज एहि बदलाव केँ मोन सँ स्वीकार करताह? मुदा आइ हम देखि रहल छी त' हमरा बुझि पड़ि रहल अछि कि जे शनै: - शनै: हम सब ओहि मूल उद्देश्यकेँ तरफ बढ़ि रहल छी, जाहि उद्देश्यकेँ लेल सखी बहिनपा मैथिलानी समूह बनाओल गेल छल। हमरा एहि बातक बड खुशी भ' रहल अछि जे सखी बहिनपा मैथिलानी समूह अपन मैथिलानी समाज मे उचित जगह बना रहल अछि आ आब एकर आधार बहुत व्यापक भ' गेल अछि। देश-विदेश सँ अनेकों मैथिलानी सखी एहि समूह सँ जुड़ल छथि आ समाज मे अपन महत्वपूर्ण स्थान बना रहल छथि। कखनो क' इहो मोनमे आबए जे कि अपन पुरूष समाज एहि बदलाव केँ मोन सँ स्वीकार करथिन? मुदा कहैत असीम हर्ष भ' रहल अछि जे पुरूष समाज इ बदलाव केँ स्वीकार केलखिन्ह बल्कि अपन घरक महिलाकेँ आगू बढ़बाक हेतु प्रोत्साहित केलथि। स्वयं हमरो इ कतेको बेर इ महसूस भेल जे पुरूष वर्ग बहुत सहयोग क' रहल छथिन्ह। हमरा सब सखी के लेल इ बहुत संतोषके बात अछि। आब हम सब निश्चिंत भ गेलहुँ जे यदि हम सब सखी अपन काज मोन सँ करी त' सामाजिक स्तर पर बहुत काज क' सकैत छी।

लोक सब अपन सभक बारेमे कि कहैत छथि।