मिथिलाक्षर जागरूकता अभियान

#मिथिलाक्षरलिपि प्रचार-प्रसार अभियान

एकटा कहबी छै "एकटा शिक्षित धिया पूरा परिवारके शिक्षित बनबै छथि"

कहबी क पूर्णत: सत्यापित करबाक प्रयास...."सखी-बहिनपा" द्वारा होइत रहल अछि।अहि समूहक केंद्रमे मैथिली रहलाक कारण सँ अपन भाषा आ लिपिक संरक्षण लेल सदैव समर्पित रहल समूह।
सखी-बहिनपा समूह सँ मनोरमा झाक नेतृत्वमे सितंबर 2018 सँ य़ात्रा प्रारंभ भेल,मरणासन्न अवस्थामे पहुँचल विलुप्त होइत अपन मिथिलाक्षरके पुनर्ज़ीवित करएके निस्वार्थ भाव संग ...

मिथिलाक्षर(तिरहुता),अपन मैथिली भाषाक लिपि अछि, जेना देवनागरी अछि हिंदी भाषाक लेल।मिथिलाक्षर क उद्भव दशम शताब्दीमे मानल गेल अछि।महाकवि विद्यापतिक काव्य मिथिलाक्षरे लिपिमे अंकित छनि। रोजगार क लेल पलायन,हिंदी और अंग्रेजी क वैश्विक मान्यताक कारणें धीरे- धीरे मिथिलाक्षरक प्रति उदासीनता बढैत गेल आओर फेर एकर संयमित उपयोग एकरा लगभग विलुप्तिक दिश ल जा रहल छल।सखीसब अपन लिपि क उपेक्षा और दुर्गति स अवगत त छलीह आ अपन मैथिली भाषा आ ओकर लिपि मिथिलाक्षरके बचेबाक लेल, किछ करबाक लेल संकल्पित सेहो और सखी- बहिनपा समूहक रुपमे हुनका एकटा उचित मंच भेटलनि जाहि सँ मिथिलाक्षरक प्रति हुनकर सबहक कर्तव्य और संकल्प अपन वास्तविक रुप लेबा दिश अग्रसर अछि|
मिथिलाक्षरलिपि सखी-बहिनपा समूह तथा सिद्धिरस्तु संस्था के आपसी समन्वयता संग जन-जन तक पहुँचए इ मूल उदेश्य अछि।अपन लिपिके सीखैत,संरक्षित करैत घर घर पहुँचाबी ओहिलेल अद्भूत य़ात्रा रहल एखन तक क सखी-बहिनपा समूह क मिथिलाक्षर संग .. ..विभिन्न व्हाट्सएप समूहक माध्यमसँ मिथिलाक्षर लिपि प्रचार-प्रसारक एकटा अभियान रूपमे उदघोष भेल आ देश-विदेश तक पहुँचल आ आइ धरि 570 प्रबोध तैयार भ चुकल छथि ।एतबे नहि सखी-बहिनपा अपन बाल-बच्चा के सेहो मिथिलाक्षरक प्रति रुझान जगाबएमे पूर्णतः सफल रहलीह ।एखन धरि बाल-समूहक माध्यमे लगभग 250सँ बेसी नेना-भुटका (5साल सँ लके 16 साल धरि के)मिथिलाक्षरक सामान्य पाठ्यक्रम पूरा क चुकल छैथ । व्हाट्सएप समूहक माध्यमसँ ऑनलाइन मिथिलाक्षर सिखाबयके संग-संग कतेको ठाम ऑफलाइन क्लास द्वारा सेहो मिथिलाक्षरक प्रचार-प्रसार भ' रहल अछि । लक्ष्य अछि जे एक व्यक्ति ,एक परिवार सँ आगु बढिक पूरा समाजके मिथिलाक्षरमय कएल जाइ.....सबके प्रबोध बनायल जा सकय|
य़ात्रा लम्बा अछि आ लक्ष्य दुष्कर मुदा सबल"सखी-बहिनपा" क उच्च मनोबल संग असंभव किछ नहि |